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Shatrughan Sinha Biography | Biography of shatrughan sinha



अगर हनन पहले बार किसी माई के लाल ने अपना मुल्लाल करके हमें धमकी देने की नाकामयाब कोशीश की अनुमति आवाज़ उसके मालिक अपनी अदाकारी से करोड़ों का दिल जीतने वाले शत्रुघन सिन्हा कानून सीखने की तुम्हे आम आदमी से ज्यादा शुरुआत लिए तुम कानून के रखवाले बैठे शत्रुघन सिंह का जन्म बिहार के पटना में हुआ था नौ दिसंबर शत्रुघ्न सिन्हा के पिता चाहते थे कि शत्रु बड़े होकर एक डॉक्टर बने लेकिन शत्रुघ्न सिन्हा ने

पुणे फ़िल्म इंस्टीट्यूट ज्वॉइन कर लिया याय से एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपनी स्ट्रगल की शुरुआत पराभवाने वहाँ पर ऐसी प्रॉब्लम पवन सिन्हा के चेहरे पर चाकू के कटे का निशान है और इस निशान को देखकर बहुत सारे लोगों ने कहा था कि शत्रु या कटी फटी शक्ल लेकर ये बड़ी बड़ी मुझे

लेकर तुम फिल्मों में हीरो नहीं बन सकते इन बातो से परेशान होकर शत्रुघ्न सिन्हा ने एक प्लास्टिक सर्जन से बात भी की थी ताकि उनके चेहरे से किसी भी तरह के कटे का निशान हटा दें लेकिन देव आनंद साहब ने शत्रुघन

सेना को समझाया और कहा कि काम चलेगा तो नाम चलेगा और जो तुम्हारी खामी है वह तुम्हारी खूबी बन जाएगी तो मुझे देखो मेरी दांतों के बीच में गधा है लेकिन वह इकट्ठा अब मेरी एक आधार बन गया है और लोग उसे बहुत पसंद करते हैं शत्रुघ्न सिन्हा ने देवानंद से प्रेरित होकर प्लास्टिक सर्जन का आइडिया ड्रॉप कर दिया और वह फिल्मों में फिर स्ट्रगल करने लगे देर साफ की फ़िल्म प्रेम पुजारी ने ससुर जी ने एक छोटा सा रोल

 निभाया था जो शत्रुघ्न सिन्हा की शुरुआत एक विलन के हुई थी और फ़िल्म मेरे अपने में उनके अभिनय को बहुत सराहा भी गया था लेकिन धीरे धीरे शत्रुघन सेना के पास आने लगे बहुत से पॉज़िटिव रोज़ मनमोहन देसाई की फ़िल्म आ गले लगजा में उनकी डॉक्टरी की भूमिका को पसंद किया गया और फिर सुभाष घई की फ़िल्म

कालीचरण ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ दिया योगा पक्ष के लोगों में मतलब उन लोगों के पट्ठे चोरी करने आया तब इंस्पेक्टर सूरज पर सात जन्म शत्रुघन सिन्हा की डायलॉग डिलिवरी अपने आपमें एक अनोखा स्टाइल बन गयी जब भी फिल्मी परदे पर शत्रु कहते थमा तो पब्लिक तालियां बजाती हैं माँ शत्रुघन सिन्हा ने फ़िल्म

इंडस्ट्री में अपना मुकाम बना लिया था उनका काम कालीचरण विश्वनाथ दो स्थान इतना सलाह गया कि उन्हें फ़िल्म इंडस्ट्री का नंबर वन हीरो माना जाने लगा था शोर मच गया सो रहते हैं और आयाम आदि अनेक क्षेत्र जना को फ़िल्म फेयर अवॉर्ड में कई बार नॉमिनेट किया गया लेकिन कभी भी उन्हें अवॉर्ड से नवाजा नहीं गया और सन् दो हज़ार में स्टारडस्ट अवॉर्ड को लाइफटाइम अचीवमेंट से शत्रुघन सिन्हा से नवाजा गया साथ ही जी सीने अवार्ड

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