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Mahatma Gandhi Biography in Hindi | महात्मा गांधी की जीवनी | Mahatma Gandhi life Story | Mahatma Gandhi life History

Mahatma Gandhi Biography in Hindi | महात्मा गांधी की जीवनी | Mahatma Gandhi life Story | Mahatma Gandhi life History

Mahatma Gandhi Biography in Hindi | महात्मा गांधी की जीवनी | Mahatma Gandhi life Story | Mahatma Gandhi life History
Mahatma Gandhi Biography in Hindi | महात्मा गांधी की जीवनी | Mahatma Gandhi life Story | Mahatma Gandhi life History

दोस्तों आज हम एक आज़ाद भारत में सांस लेते हैं क्योंकि अंग्रेजों से हमें पंद्रह अगस्त को आजादी मिली थी और देश को आजाद कराने के लिए न जाने कितने ही लोगों ने अपना जीवन तदनुसार कर दिया था हालांकि यह

 भी आजादी के लिए लड़ने वाले खासकर दो अलग अलग विचारधाराओं में बैठे हुए थे जिनमें से एक तरफ तो वो लोग थे जो की आजादी को अपनी ताकत के दम पर छीनना चाहते थी तो वहीं कुछ लोग शांतिपूर्वक अहिंसा 

के मार्ग पर चलते हुए आजादी हासिल करना चाहते थे और दुनिया हिंसक वादी लोगों में से एक थे राष्ट्रपिता कहे जाने वाली मोहनदास करमचंद गाँधी जैसे की हम सभी आमतौर पर महात्मा गाँधी के नाम से जानते हैं और 

दूसरों को गांधीजी भारतीय इतिहास के व्यक्ति हैं जिन्होंने देश हित के लिए अंतिम साँस तक पढ़ाई की है और उन्ही की तरह ही हजारों वीरों की वजह से हमारा देश में आज हो सकता था जो दुश्मन के इस वीडियो में हम भारत के सबसे लोकप्रिय लोगों में से महात्मा गाँधी के जीवन के बारे में जायेंगे कि 

किस तरह से आखिरी अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले गाँधी जी ने अंग्रेजी हुकूमत को हिलाकर रख दिया था उनके पिता का नाम करमचंद गाँधी और माँ का नाम पुतलीबाई था हालांकि भले ही गाँधीजी पोरबंदर शहर में 

पैदा हुए थे लेकिन जन्म के कुछ साल बाद उनका पूरा परिवार राजकोट में रहने लगा फिर गांधीजी की शुरुआती पढ़ाई भी वहीं से हुई थी और नौ साल की उम्र में पहली बार स्कूल जाने वाले गांधीजी शुरु से ही काफी शर्मिले थे 

और वह बचपन से ही किताबों को अपना दोस्त मानते थे और फिर आगे चलकर पांच तेरह साल की उम्र में उनकी सादी उसे एक साल बड़ी लड़की कस्तूरबा से हो गयी दरअसल भारत में उस समय साथिया काफी छोटी 

उम्र में ही हो जाया करती थीं हालांकि आगे चलकर जब पीजी करीब पंद्रह साल के थे तब उनके पिता का निधन हो गया और फिर पिता के निधन के एक साल बाद गाँधी जी की पहली संतान भी हुई लेकिन दुर्भाग्य से जन्म के

 कुछ समय बाद ही बच्चे की वृद्धि होगी और इस तरह से गाँधी जी के ऊपर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हालांकि इन कठिन परिस्थितियों में भी गांधीजी ने खुद को सम्भाला और फिर अहमदाबाद से उन्होंने हाईस्कूल की

 पढ़ाई पूरी और फिर आगे चलकर कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद मावजी दवे जोशीजी की सलाह पर गांधीजी ने लंदन जाकर लॉ की पढ़ाई हालाँकि ई गाँधीजी दूसरी बार पिता बने और इसी वजह से उनकी माँ नहीं चाहती थीं Mahatma Gandhi life History

जो अपने परिवार को छोड़कर कहीं दूर जा लेकिन कैसे भी करके उन्होंने अपनी माँ को बनाया और फिर चार सितंबर को लंदन पढ़ाई के लिए वह चले गए और फिर में पढ़ाई पूरी करके वह अपने वतन भारत वापस आ दी हालांकि विदेश में पढ़ाई करने के बावजूद भारत आने पर उन्हें नौकरी के लिए काफी भागदौड़ करनी पड़ी और फि


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